15 Jul 2014

विज्ञान और भारत

विज्ञानं के क्षेत्र में भारत और India का अंतर: � भारत में : किसीको वैज्ञानिक बनने से पहले उसका ऋषि होना आवशक होता था। इंडिया में: वैज्ञानिक बनने के लिए पुस्तकों का ज्ञान और कुछ जड़ का प्रयोग करने की क्षमता काफी है। ------------------------------------------------------------- भारत में: भारतीय वैज्ञानिक जानते थे की मनुष्य प्राकृतिक वातावरण में ही स्वस्थ रहता है उन्नति करता है इसलिए यहाँ प्रकृति को पुष्ट कर उससे अधिक से अधिक लाभ उठाने का विज्ञानं विकसित हुआ, भारत का विज्ञानं समृद्धि का विज्ञानं था। इंडिया में: इंडिया ने प्रकृति को उजड़ा लोगोंको प्रकृति से दूर कर दिया, इससे जो अभाव और विकृतिया पैदा हुई उसकी पूर्ति करने के लिए विज्ञानं का विकास किया, इसलिए इंडिया का विज्ञानं अभाव एवं दुर्गति का विज्ञानं है। ---------------------------------------------------------- भारत में: प्रकृति से जुड़े होने के कारन भारत में स्वस्य्थ जीवन का विज्ञानं विकसित हुआ। इंडिया में: प्रकृति विरोधी होने के कारन रोग बड़े तो इंडिया ने पश्चिम की चिकित्सा पद्धति अपनाया। ---------------------------------------------------------- भारत में: यही विज्ञानं का विकास हुआ सभी बड़े आविष्कार यहाँ हुए। इंडिया में: हमारे वैज्ञानिक सिद्धांतो के आधार पर आविष्कार करने वाले अंग्रेजो को ही मूल आविष्कार मानना, पश्चिम के इसी विज्ञानं की नक़ल और उसपर आधारित तकनीक का विकास हो रहा हैं। --------------------------------------------------------------- भारत में: भारत के हर गाँव और शहर बहुत ही समृद्ध थे, गाँव में ही रोजगार उपलब्ध थे, बेरोजगारी नामक शब्द तक नही था समाज में, कभी व्यापारी, तीर्थयात्री, विद्यान दूर दूर तक आते थे, यात्रियों को कोई कष्ट न हो इसलिए अतिथि सत्कार की परंपरा विकसित हुई, भारत निर्यात में बहुत आगे था, इसलिए यहाँ नौका विज्ञानं अति समृद्ध था, वास्कोडिगामा ने भारत की खोंज नही की थी वह अफ्रीका के नाविकों और व्यापारियों के साथ यहाँ पहुंचा था। इंडिया में: शहरों को बसने के लिए गाँव को उजाड़ा। गाँव से शहर, शहर से महानगर, दूरियों के कारन यातायात के लिए नेशनल हाईवे, ट्रक, रेल, विमान इसी तरह शहरों में भीड़ बड़ी तो शहरों में ऊँची इमारतों आदि मजबूरी का विज्ञानं विकसित हो रहा हैं। 5 लाख से अधिक जनसँख्या होने के बाद शहर विकृत होने लगते हैं, उस विकृति को दूर करने के लिए जिस विज्ञानं की आवश्यकता होती हैं वह प्रकृति के विरुद्ध होने से विकृति का विज्ञानं हैं। ---------------------------------------------------------- भारत में: प्रकृति से जुडाव होने के कारण हर व्यक्ति की सोच वैज्ञानिक थी। इंडिया में: प्रकृति से कटा व्यक्ति भेद चाल चल रहा है, सुनामी यहाँ एक भी वनवासी या खुला पशु नही मरा, पड़े लिखे समाज के लाखों लोग मरे। होटलों, आधुनिक अनुष्ठानो का अधिक से अधिक क्षति हुआ। पशु जितना सामान्य ज्ञान न होने के बाद भी यह अहंकार की हम वैज्ञानिक युग में जी रहें है, व्यक्ति को प्रकृति से जोड़ने की वजाय, आपदा की सुचना के लिए वैज्ञानिक अनुसंधानों पर अरबों खरबों खर्च किया जाता हैं। -------------------------------------------------------------- भारत में: समाज की प्रगति के लिए विज्ञानं की तकनीकों का विकास होता था। इंडिया में: तकनिकी प्रगति के अनुरूप समाज को ढलने का प्रयत्न किया जाता हैं। -------------------------------------------------- भारत में: भारत के ऋषि जानते थे की शक्ति का आधार आहार नही है उसमे निहित प्राण हैं। अतः प्राण विज्ञानं आधारित बैल से कृषि का विकास हुआ। इंडिया में: इंडिया का वैज्ञानिक जानते ही नही के क्या है प्राण। सारा आहार प्राणहीन ही नही प्राणनाशक होता जा रहा हैं। --------------------------------------------------------------- भारत में: गेहूं पिसने की घट्टी, तेल निकलने की घाणी, घी निकालने की बिलोना पद्धति, रोटी बनाने वाली आदि तकनीकों का विकास प्राण विज्ञानं के आधार पर हुआ, विज्ञानं में पिछड़ेपन का कारण नही। इंडिया में: आता चक्की, तेल मिल, डेयरी घी यह अज्ञान की दें हैं विज्ञानं की नही, ब्रेड बनाने में गेहूं के 23 पौष्टिक गुण नष्ट हो जाते हैं फिर उसमे 8 कृत्तिम और सुगन्धित गुण डालकर कंपनी कहती है 'एनरिच्ड ब्रेड' 'हमारा आटा बिना मिलावट वाला' और पड़ी लिखी महिलाये उसे खरीद कर गौरान्वित होती हैं। --------------------------------------------------------------- भारत में: प्रकृति आधारित आयुर्वेद के मानदंडो पर खरा उतरने पर ही किसी विद्या को स्वस्थ विज्ञानं का प्रमाण पत्र मिलता हैं। इंडिया में: अंग्रेजी चिकित्सा पद्धति के मानदंडो पर खरा उतरने पर ही किसी विद्या को स्वस्थ विज्ञानं का प्रमाण मिलता हैं। ---------------------------------------------------------- भारत में: स्वस्थ अर्थात स्व में स्थित। इंडिया में: स्वस्थ अर्थात रोग मुक्त। ------------------------------------------------------------- भारत में: वैज्ञानिक भाषा संस्कृत का विकास हुआ। इंडिया में: सभी भाषाएँ अवैज

भोजन और जीवन

मित्रो आप इन नियमो का पालण पूरी ईमानदारी से अपनी ज़िंदगी मे करे !! ये नियमो का पालण न करने से ही बीमारियाँ ज़िंदगी मे आती हैं !! ____________________________________ सुबह उठते ही सबसे पहले हल्का गर्म पानी पिये !! 2 से 3 गिलास जरूर पिये ! पानी हमेशा बैठ कर पिये ! पानी हमेशा घूट घूट करके पिये !! घूट घूट कर इसलिए पीना है ! ताकि सुबह की जो मुंह की लार है इसमे ओषधिए गुण बहुत है ! ये लार पेट मे जानी चाहिए ! वो तभी संभव है जब आप पानी बिलकुल घूट घूट कर मुंह मे घूमा कर पिएंगे ! इसके बाद दूसरा काम पेट साफ करने का है ! रोज पानी पीकर सुबह शोचालय जरूर जाये !पेट का सही ढंग से साफ न होना 108 बीमारियो की जड़ है ! खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना जहर पीने के बराबर है ! हमेशा डेड घंटे बाद ही पानी पीएं ! खाना खाने के बाद अगर कुछ पी सकते हैं उसमे तीन चीजे आती हैं !! 1) जूस 2) छाज (लस्सी) या दहीं ! 3) दूध सुबह खाने के बाद अगर कुछ पीना है तो हमेशा जूस पिये ! दोपहर को दहीं खाये ! या लस्सी पिये ! और दूध हमेशा रात को पिये !! इन तीनों के क्रम को कभी उल्टा पुलटा न करे !!फल सुबह ही खाएं (ज्यादा से ज्यादा दोपहर 1 बजे तक ) ! दहीं दोपहर को दूध रात को ! इसके इलावा खाने के तेल मे भूल कर भी refine oil का प्रयोग मत करे !(वो चाहे किसी भी कंपनी का क्यू न हो dalda ,ruchi,gagan)को भी हो सकता है ! अभी के अभी घर से निकाल दें ! बहुत ही घातक है ! सरसों के तेल का प्रयोग करे ! या देशी गाय के दूध का शुद्ध घी खाएं ! ! (पतंजलि का सरसों का तेल एक दम शुद्ध है !(शुद्ध सरसों के तेल की पहचान है मुंह पर लगाते ही एक दम जलेगा ! और खाना बनाते समय आंखो मे हल्की जलन होगी ! चीनी का प्रयोग तुरंत बंद कर दीजिये ! गुड खाना का प्रयोग करे ! या शक्कर खाये ! चीनी बहुत बीमारियो की जड़ ! slow poison है !) खाने बनाने मे हमेशा सेंधा नमक या काला नमक का ही प्रयोग करे !! आयोडिन युक्त नमक कभी न खाएं !! (ये नमक वाली बात आपको अजीब लग सकती हैं ! लेकिन बहुत रहस्यमय कहानी है इस आओडीन युकत नमक के पीछे ) बाद मे विस्तार से बताई जाएगी !! सुबह का भोजन सूर्य उद्य ! होने के 2 से 3 घंटे तक कर लीजिये ! (अगर 7 बजे आपके शहर मे सूर्य निकलता है ! तो 9 या 10 बजे तक सुबह का भोजन कर लीजिये ! इस दौरान जठर अग्नि सबसे तेज होती है ! सुबह का खाना हमेशा भर पेट खाएं ! सुबह के खाने मे पेट से ज्यादा मन संतुष्टि होना जरूरी है ! इसलिए अपनी मनपसंद वस्तु सुबह खाएं !! खाना खाने के तुरंत बाद ठीक 20 मिनट के लिए बायीं लेट जाएँ और अगर शरीर मे आलस्य ज्यादा है तो 40 मिनट मिनट आराम करे ! लेकिन इससे ज्यादा नहीं ! इसी प्रकार दोपहर को खाना खाने के तुरंत बाद ठीक 20 मिनट के लिए बायीं लेट जाएँ और अगर शरीर मे आलस्य ज्यादा है तो 40 मिनट मिनट आराम करे ! लेकिन इससे ज्यादा नहीं ! रात को खाना खाने के तुरंत बाद नहीं सोना ! रात को खाना खाने के बाद बाहर सैर करने जाएँ ! कम से कम 500 कदम सैर करे ! और रात को खाना खाने के कम स कम 2 घंटे बाद ही सोएँ ! ब्रह्मचारी है (विवाह के बंधन मे नहीं बंधे ) तो हमेशा सिर पूर्व दिशा की और करके सोएँ ! ब्रह्मचारी नहीं है तो हमेशा सिर दक्षिण की तरफ करके सोएँ ! उत्तर और पश्चिम की तरफ कभी सिर मत करके सोएँ ! मैदे से बनी चीजे पीज़ा ,बर्गर ,hotdog,पूलड़ोग , आदि न खाएं ! ये सब मेदे को सड़ा कर बनती है !! कब्ज का बहुत बड़ा कारण है ! और ऊपर आपने पढ़ा कब्ज से 108 रोग आते हैं ) इन सब नियमो का अगर पूरी ईमानदारी से प्रयोग करेंगे ! 1 से 2 महीने मे ऐसा लगेगा पूरी जिंदगी बदल गई है ! मोटापा है तो कम हो जाएगा ! hihgh BP,cholesterol,triglycerides,सब level पर आना शुरू हो जाएगा ! HDL बढ्ने लगेगा ! LDL ,VLDL कम होने लगेगा !! और भी बहुत से बदलाव आप देखेंगे !! _______________________________________

जय हिंद

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में
एक मुस्लिम भाई ने
जनहित याचिका डाली थी कि :::
""पड़ोसी मुल्क में हज करने के लिए सब्सिडी मिलती है तो हमें भी मिलनी चाहिए.""

पाकिस्तान कोर्ट ने जनहित याचिका रिजेक्ट करते हुये
कहा कि :::
""कुरान और हदीस के हिसाब से
हज पसीने की कमाई से करना पड़ता है !
दूसरों की कमाई से नहीं !
सब्सिडी
इस्लाम के खिलाफ है !

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के
हिसाब से भारतीय मुसलमानों को मिल रही सब्सिडी हराम है...!!!!
क्या नेता इस पर कुछ टिप्पणी देंगे ?
अजीब कानून है भैया. ..!

गाय का चारा खाया तो जेल भेज दिया
और जो गाय को खा रहा है
उसको हज के लिए भेजते हो .....!!!

ये जो नीचे लिखा है वो कोई मज़ाक नहीं है.....

कल ये आपके शहर में भी हो सकता है......

अगर ये अमेरिका,जापान
या फिर चाइना में हुआ होता तो इन शांति प्रिय मजहब
वालों को काट कर गटर में फेंक देते,,

कुछ दिन पहले  ::
NDTV के रवीश कुमार ने.... RSS के सिन्हा सर से
तल्ख़ मुद्रा में पूछा था कि....अगर देश में मुस्लिम
ज्यादा हो जायेंगें तो कौन सा पहाड़ टूट पड़ेगा ???
-
इसका एक प्रायोगिक उत्तर कल के एक वाकये ने दिया.....

मुस्लिम बाहुल्य "काश्मीर विश्वविद्यालय" में एक फिल्म "हैदर"
की शूटिंग चल रही थी......उसके एक दृश्य के फिल्मांकन के लिए....
तिरंगा झंडा लगाया गया...
और कलाकारों को
जय हिंद बोलना पड़ा....|
इतना होना था कि....विश्वविद्यालय के छात्र उस यूनिट पर टूट पड़े....
फिल्म का सेट तोड़
दिया गया....|
काफी जद्दोजहद के बाद फिल्म के कलाकारों को बाहर
निकाला जा सका....|
तिरंगे से उनकी नफरत और जय हिंद पर आपत्ति
इस सबका कारण थी...!!!

पुलिस ने कुछ
लोगों को गिरफ्तार किया...लेकिन
कालेज प्रशासन के
कहने पर छोड़ दिया गया..|

ध्यान रहे वो अनपढ़ लोग नहीं....विश्वविद्यालय के छात्र थे...!

हाथ जोड़ के विनती है ......
इसे शेयर करें ये कोई छोटी खबर नहीं है ,,,
ये हमारे देश के सम्मान की बात है ।

एक सुन्दर संवाद :: एक बार ज़रूर पढ़ें )

बी.एस.सी. का छात्र .....
कॉलेज  का पहला दिन ....(गले में बड़े-बड़े ...रुद्राक्ष की माला)

प्रोफेसर :-बड़े पंडित दिखाई देते हो ,,,
लेकिन कॉलेज में पढ़ाई लिखाई पर ध्यान दो ,,,
पूजा पाठ घर में ही ठीक है !!

😆😆😆😆😆😆😆
(क्लास के सभी बच्चे ठहाका लगाते हैं )
छात्र::(विनम्रता से)--सर... आप मेरे गुरु  हैं
और सम्माननीय भी इसलिए
आपकी आज्ञा से ही कुछ
कहना चाहूँगा....!!!

शिक्षक कहते हैं :-बोलो....!
....................
...................
.......................
छात्र :: --सर....
जब ऐसे छोटे कॉलेज छोड़िये
आई आई टी और मेडिकल कॉलेज तक में मुस्लिम छात्र दाढ़ियाँ बढ़ाकर या टोपी चढ़ाकर जाते हैं
और कितनी भी बड़ी लेक्चर हो क्लास छोड़कर.......
नमाज़ के लिए बाहर निकल जाते हैं
तो शिक्षकों को वो धर्मनिष्ठता लगती है !
जब क्रिश्चियन छात्र गले में
बड़े बड़े क्राॅस लटकाकर घूमते
हैं तो वो धर्मनिष्ठता है ,,,,
और ये उनके मजहब की बात हुई......

और आज आपके सामने
इसी क्लास में.....
कितनी ही लड़कियों ने
बुर्का पहना है
और कितने ही बच्चों ने
जाली-टोपी चढ़ा रखी है.....
तो आपने उन्हें कुछ नहीं कहा.........
तो आखिर.....
मेरी गलती क्या है..... ???
क्या बस इतनी कि मैं एक हिंदू हूँ....???

शिक्षक क्लास छोड़कर बाहर
चला गया ।

1 मिनट चैटिंग छोडकर इस पोस्ट को जरूर पढेँ..

वर्ना सारी जिन्दगी चैट ही करते रह जाओगे
🌞🌞🌞🌞🌞
आँखों से पर्दा हटाओ दोस्तों और मशाल जलाओ ।
ज्यादा से ज्यादा

ये पोस्ट

         फैलानी है ।

जय हिन्द ।

7 Jul 2014

most beautiful line:-

. True   beautiful    lines: 

  oooO
  (     )  Oooo
    \   (  (     )
      \_)   )  /
            (_/

Chalne wale dono pairo me kitna fark hai...

Ek aage to Ek piche . .

Par Naa to aage wale ko Abhiman  hai or Na peeche wale ko Apmaan...

kyonki unhe pata hai ki pal bhar me ye badalne wala hai...

isiko zindagi kahte hai...

"Guzri hui jindgi ko kabhi yaad na kar,

Taqdir me jo likha hai  uski fariyad na kar

   Jo hoga wo hokar rahega,
          
  Tu kalki fikar me apni aaj ki khusi barbad na kar...

      Hans     marte    hue bhi    gata hai.   
 
  aur Mor nachte hue bhi rota hai...

Ye jindagi ka funda hai boss
   
Dukho wali raat neend nahi aati

Aur Khushi wali raat kaun sota hai!!
It's true......

             
Forwd to all your lovely friends.

हमको बचपन से किताबों मे पढ़ाया जाता है कि भारत दुनिया का सबसे गरीब देश रहा ! भारत दुनिया का सबसे पिछड़ा हुआ देश रहा ! भारत ने दुनिया को कभी कुछ नहीं दिया बल्कि दुनिया के देशो ने भारत को बहुत कुछ दिया ! हमको पढ़ाया जाता है कि अंग्रेज़ नहीं आते तो इस भारत मे कुछ नहीं होता ! अंग्रेज़ नहीं आते तो शिक्षा नहीं होती अंग्रेज़ नहीं आते तो विज्ञान नहीं आता !! अंग्रेज़ नहीं आते तो हमको तकनीकी नहीं आती ! अंग्रेज़ नहीं आते तो रेल नहीं आती ! अंग्रेज़ नहीं आते तो हवाई जहाज नहीं होता !! अगर आप भी इस मानसिकता के है तो एक बार ये विडियो जरूर देखें !! बहुत बार आपने बेकार सी फिल्मों और क्रिकेट के मैचो पर घंटो घंटो बर्बाद किए होंगे ! कृप्या एक बार समय निकाल कर ये विडियो जरूर देखें !! _________________________________ आज इस विडियो मे श्री राजीव भाई जिस विषय पर बात करेंगे वो विषय है ''दुनिया को भारत की देन ! ! भारत ने दुनिया को अब तक क्या क्या दिया है ! भारत के द्वारा अब तक दुनिया मे क्या क्या आया ! ज्ञान के सतर पर हमने दुनिया को क्या दिया है ! नीतियो के सतर पर हमने दुनिया को क्या दिया है ! व्यवस्थाओ के सतर पर हमने दुनिया को क्या दिया है ! ऐसे कुछ विषयो पर राजीव भाई इस लैक्चर मे बताएँगे ! बहुत सारी रोचक जानकरियाँ जो ना कभी आपने पहले सुनी होगी ना कभी आपस मे चर्चा की होगी ! ना ही किसी ने आपको बताया होगा !! कृप्या जरूर देखे अधिक से अधिक share करें !! http://www.youtube.com/watch?v=ERpKXAY7vmI

आर्थराइटिस ठीक हो जाती है

आर्थराइटिस और सभी तरह के joint pain का इलाज ! जो मित्र पूरी post नहीं पढ़ सकते यहाँ click कर देखें ! http://www.youtube.com/watch?v=B0RX7alIatw १. दोनों तरह के आर्थराइटिस (Osteoarthritis और Rheumatoid arthritis) मे आप एक दावा का प्रयोग करे जिसका नाम है चुना, वोही चुना जो आप पान मे खाते हो | गेहूं के दाने के बराबर चुना रोज सुबह खाली पेट एक कप दही मे मिलाके खाना चाहिए, नही तो दाल मे मिलाके, नही तो पानी मे मिलाके पीना लगातार तिन महीने तक, तो आर्थराइटिस ठीक हो जाती है | ध्यान रहे पानी पिने के समय हमेशा बैठ के पीना चाहिए नही तो ठीक होने मे समय लगेगा | अगर आपके हात या पैर के हड्डी मे खट खट आवाज आती हो तो वो भी चुने से ठीक हो जायेगा | २. दोनों तरह के आर्थराइटिस के लिए और एक अछि दावा है मेथी का दाना | एक छोटा चम्मच मेथी का दाना एक काच की गिलास मे गरम पानी लेके उसमे डालना, फिर उसको रात भर भिगोके रखना | सबेरे उठके पानी सिप सिप करके पीना और मेथी का दाना चबाके खाना | तिन महीने तक लेने से आर्थराइटिस ठीक हो जाती है | ध्यान रहे पानी पिने के समय हमेशा बैठ के पीना चाहिए नही तो ठीक होने मे समय लगेगा | ३. ऐसे आर्थराइटिस के मरीज जो पूरी तरह बिस्तर पकड़ जुके है, चाल्लिस साल से तकलीफ है या तिस साल से तकलीफ है, कोई कहेगा बीस साल से तकलीफ है, और ऐसी हालत हो सकती है के वे दो कदम भी न चल सके, हात भी नही हिला सकते है, लेटे रहते है बेड पे, करवट भी नही बदल सकते ऐसी अवस्था हो गयी है .... ऐसे रोगियों के लिए एक बहुत अछि औषधि है जो इसीके लिए काम आती है | एक पेड़ होता है उसे हिंदी में हरसिंगार कहते है, संस्कृत पे पारिजात कहते है, बंगला में शिउली कहते है , उस पेड़ पर छोटे छोटे सफ़ेद फूल आते है, और फुल की डंडी नारंगी रंग की होती है, और उसमे खुसबू बहुत आती है, रात को फूल खिलते है और सुबह जमीन में गिर जाते है । इस पेड़ के छह सात पत्ते तोड़ के पत्थर में पिस के चटनी बनाइये और एक ग्लास पानी में इतना गरम करो के पानी आधा हो जाये फिर इसको ठंडा करके रोज सुबह खाली पेट पिलाना है जिसको भी बीस तिस चाल्लिस साल पुराना आर्थराइटिस हो या जोड़ो का दर्द हो | यह उन सबके लिए अमृत की तरह काम करेगा | इसको तिन महिना लगातार देना है अगर पूरी तरह ठीक नही हुआ तो फिर 10-15 दिन का गैप देके फिर से तिन महीने देना है | अधिकतम केसेस मे जादा से जादा एक से देड महीने मे रोगी ठीक हो जाते है | इसको हर रोज नया बनाके पीना है | ये औषधि Exclusive है और बहुत strong औषधि है इसलिए अकेली हि देना चाहिये, इसके साथ कोई भी दूसरी दावा न दे नही तो तकलीफ होगी | ध्यान रहे पानी पिने के समय हमेशा बैठ के पीना चाहिए नही तो ठीक होने मे समय लगेगा | बुखार का दर्द का उपचार : डेंगू जैसे बुखार मे शरीर मे बहुत दर्द होता है .. बुखार चला जाता है पर कई बार दर्द नही जाता | ऐसे केसेस मे आप हरसिंगार की पत्ते की काड़ा इस्तेमाल करे, 10-15 दिन मे ठीक हो जायेगा | घुटने मत बदलिए : RA Factor जिनका प्रोब्लेमाटिक है और डॉक्टर कहता है के इसके ठीक होने का कोई चांस नही है | कई बार कार्टिलेज पूरी तरह से ख़तम हो जाती है और डॉक्टर कहते है के अब कोई चांस नही है Knee Joints आपको replace करने हि पड़ेंगे, Hip joints आपको replace करने हि पड़ेंगे | तो जिनके घुटने निकाल के नया लगाने की नौबत आ गयी हो, Hip joints निकालके नया लगाना पड़ रहा हो उन सबके लिए यह औषधि है जिसका नाम है हरसिंगार का काड़ा | राजीव भाई का कहना है के आप कभी भी Knee Joints को और Hip joints को replace मत कराइए | चाहे कितना भी अच्छा डॉक्टर आये और कितना भी बड़ा गारंटी दे पर कभी भी मत करिये | भगवान की जो बनाई हुई है आपको कोई भी दोबारा बनाके नही दे सकता | आपके पास जो है उसिको repair करके काम चलाइए | हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री अटलजी ने यह प्रयास किया था, Knee Joints का replace हुआ अमेरिका के एक बहुत बड़े डॉक्टर ने किया पर आज उनकी तकलीफ पहले से जादा है | पहले तो थोडा बहुत चल लेते थे अब चलना बिलकुल बंध हो गया है कुर्सी पे ले जाना पड़ता है | आप सोचिये जब प्रधानमंत्री के साथ यह हो सकता है आप तो आम आदमी है | अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें : http://www.youtube.com/watch?v=B0RX7alIatw

श्री श्री रवि शंकर जी द्वारा रचित एक सुंदर कविता...
🐋
छोटी सी जिंदगी है ,
हर बात में खुश रहो।
:::::::
जो पास में ना हो ,
उनकी आवाज़ में खुश रहो।
::::::::🐋
कोई रूठा हो तुमसे ,
उसके इस अंदाज़ में खुश रहो।
::::::::🐋
जो लौट के नही आने वाले है,
उन लम्हो कि याद में खुश
रहो।
::::::::🐋
कल किसने देखा है ,
अपने आज में खुश रहो।
::::::::🐋
खुशियों का इन्तेजार किसलिए ,
दुसरो कि मुस्कान में
खुश रहो।
::::::::🐋
क्यूँ तड़पते हो हर पल किसी के साथ को ,
कभी तो अपने
आप में खुश रहो।
:::::::🐋
छोटी सी जिंदगी है ,
हर हाल में खुश रहो।
::::::🐋